
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
वैश्य युवा समिति के सुंदरकांड महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
हरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार बंसल भूपतवाला स्थित शिवम एनक्लेव, ऋषिकेश रोड में वैश्य युवा समिति द्वारा आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ एवं धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा परिसर भगवान श्रीराम और श्रीहनुमान के जयघोष, भक्ति-रस और आध्यात्मिक वातावरण से गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास आचार्य अजय याग्निक जी ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण श्रीमुख से सुंदरकांड की दिव्य महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीहनुमान की निष्काम भक्ति, सेवा और समर्पण प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का आदर्श है। सुंदरकांड का श्रद्धापूर्वक श्रवण एवं पाठ करने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल, हरिद्वार सांसद श्री रावत सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने वैश्य युवा समिति द्वारा धर्म, समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि “वैश्य समाज केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा कार्यों में भी सदैव अग्रणी भूमिका निभाता आया है। वैश्य युवा समिति द्वारा चिकित्सालय निर्माण का संकल्प समाज के प्रति सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे हजारों जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा।”
श्री सुरेश गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “धर्म और सेवा का समन्वय ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। वैश्य युवा समिति समाज को संगठित कर सेवा के नए आयाम स्थापित कर रही है।”
श्री निशी गुप्ता ने कहा कि “संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सेवा कार्यों में दिखाई देती है। युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”श्री श्रवण गुप्ता ने कहा कि “समाज की उन्नति तभी संभव है जब सभी वर्ग एकजुट होकर सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना से कार्य करें। वैश्य समाज सदैव इस दिशा में प्रेरणादायी भूमिका निभाता रहा है।”श्री मुकेश गोयल ने कहा कि “धार्मिक आयोजन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम हैं।”श्री त्रिलोक गुप्ता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “सेवा, समर्पण और संगठन की शक्ति से ही समाज मजबूत बनता है। वैश्य युवा समिति निरंतर जनकल्याण के कार्य कर समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।”श्री अजय गुप्ता ने कहा कि “चिकित्सालय निर्माण जैसे सेवा प्रकल्प मानवता की सच्ची सेवा हैं। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत रहेगा।”श्री आनंद गुप्ता ने कहा कि “धर्म हमें केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि परोपकार और मानव सेवा का भी संदेश देता है। समिति उसी मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।”
श्री देवेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि “संगठन की एकजुटता और समाज के सहयोग से हर बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। वैश्य समाज सदैव राष्ट्रहित और समाजहित के कार्यों में अग्रणी रहेगा।”कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ में सहभागिता कर विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा समाज के सुख-समृद्धि की कामना की। भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और जयघोषों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश दिया।











